ताजा ख़बरेंबिहारबेतियाब्रेकिंग न्यूज़राज्य

नारायणी गंडक नदी से बहते हुए गेंडा भारतीय सीमा में परिवेश कर नेपाल स्थित वाल्मीकिनगर आश्रम जंगल पहुंचा

पिछले तीन दिनों से रुक रुक कर हो रही नेपाल स्थित गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के बीच नेपाल चितवन अभ्यारण से गेंडा नाराययनी नदीं में बहते हुए भारतीय सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर आने की खबर मिल रही है

बगहा । जिला ब्यूरो नसीम खान ‘क्या’
पिछले तीन दिनों से रुक रुक कर हो रही नेपाल स्थित गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के बीच नेपाल चितवन अभ्यारण से गेंडा नाराययनी नदीं में बहते हुए भारतीय सीमा क्षेत्र में प्रवेश कर आने की खबर मिल रही है । वन सूत्रों की माने तो गेंडा गंडक नदी में बहते हुए कवलेश्वर स्थित त्रिवेणी संगम तट के किनारे आकर वीटीआर जंगल मे देखा गया है,जो चलते हुए फिर से नेपाल स्थित वाल्मीकिनगर आश्रम से सटे तमसा नदी के पास घास चरते देखा गया है। हालांकि वनकर्मियों की एक टीम इस पर नज़र बनाए हुए है । बतादें की अगर गेंडा भारतीय सीमा क्षेत्र जंगल मे दुबारा आ जाता है तो गेंडा टेकर मॉनेटरिंग में स्वतः चला जाएगा ।बतातें चलें कि वीटीआर से नेपाल स्थित विश्वप्रसिद्ध चितवन निकुंज लगा हुआ जिस वजह से दोनों ही तरफ के जंगली जानवर एक दूसरे क्षेत्रों में परिवेश कर चले आते है । जानकारी के लिए बतादूँ की नेपाल स्थित चितवन निकुंज के बीच से होकर नारायणी गंडक नदी बहती है,जो कवलेश्वर स्थित त्रिवेणी संगम के पास् भारतीय सीमा क्षेत्र में प्रवेश करते हुए आगे निकल जाती है । इसी नदी के रास्ते चितवन जंगल के जानवर यदाकदा बहते हुए भारतीय सीमा क्षेत्र के जंगलों में चले आते हैं । ज्ञात हो कि दोनों तरफ के जंगलों के बीच किसी तरह का कोई तारफेन्सिंग या घेरा नहीं है । जिसकारण बेरोकटोक जंगली जानवर एक दूसरे जंगली क्षेत्रों में चले आते हैं ।

Related Articles

Back to top button