ताजा ख़बरेंबिहारबेतियाब्रेकिंग न्यूज़राज्य

बाढ़ प्रभावितों ने लगाई सरकार से बांध बनवाने की गुहार

प्रत्येक वर्ष झेलते हैं गांव के लोग बाढ़ की विभीषिका

 

बगहा । ब्यूरो नसीम खान ‘क्या’
इंडो-नेपाल सीमा पर अवस्थित बाढ़ प्रभावित झंडू टोला, चकदहवा के ग्रामीणों ने बगहा एसडीएम को आवेदन देकर सरकार से गुहार लगाई है कि बांध बनवाकर उन्हें बर्बाद होने से बचा लिया जाए । एसडीएम ने ग्रामीणों की मांग जायज बताते हुए इस प्रस्ताव को आगे भेजने की बात कही है। बतातें चलें कि प्रत्येक वर्ष गंडक के उफान मारते ही यह इलाका सबसे पहले जलमग्न होता है। लिहाजा यहां के लोगों को काफी मुसीबतों के साथ बर्बादी का सामना करना पड़ता है ।

बांध निर्माण की गुहार

बतादें की बगहा पुलिस जिले का लक्ष्मीपुर रमपुरवा पंचायत अंतर्गत झंडू टोला चकदहवा एक ऐसा इलाका है, जहां सबसे पहले बाढ़ आती है ।क्योंकि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के बीच और गंडक नदी के किनारे बसे होने की वजह से यहां स्थित झंडू टोला, बीन टोली, कान्हा टोली और चकदहवा प्रत्येक साल बाढ़ की विभीषिका व विनाशलीला से तबाह होता है । नतीजतन बाढ़ का पानी कम होते ही ग्रामीणों ने आवेदन देकर एसडीएम से बांध निर्माण की गुहार लगाई है । ज्ञात हो कि इस सीजन में मानसून की पहली बारिश में ही गंडक नदी में अप्रत्याशित जलस्तर बढ़ा और 4 लाख 12 हजार क्यूसेक जलस्तर आंका गया । लिहाजा इन सभी इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया और लोगों ने मचान बनाकर शरण ली।

धान की फसल डूबकर बर्बाद

ग्रामीणों का कहना है कि उनके सूखे अनाज समेत खेत में लगे गन्ने और धान की फसल डूबकर बर्बाद हो गए हैं । नेपाल की तरह यहां की सरकार भी दो किमी तक बांध बनवा दे, तो बाढ़ कभी नहीं आएगी । झंडू टोला चकदहवा बाढ़ग्रस्त इलाके के अंतर्गत बाढ़ आपदा प्रबंधन समिति से जुड़े लोगों ने तकरीबन 200 ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षर किया हुआ आवेदन एसडीएम शेखर आनंद को सौंपा है।
ग्रामीणों ने सरकार से गुहार लगाई है कि बाढ़ आने पर कब तक उनको सिर्फ खाना और राशन दिया जाएगा। वे भी सरकार के नागरिक हैं और वोट देते हैं तो, सरकार बांध बनाकर स्थायी निदान क्यों नहीं करती?

“इनकी मांग जायज है और बांध निर्माण के लिए विभाग को उचित चैनल के माध्यम से प्रस्ताव भेजा जाएगा. इस इलाके में सबसे पहले बाढ़ आती है. यही वजह है कि बाढ़ आने के बाद से ही लगातार प्रशासन कम्युनिटी किचन चला रही है”- शेखर आनंद, एसडीएम

Related Articles

Back to top button