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भूमि अधिकार आन्दोलन का दिल्ली में 4था कन्वेंशन

26 और 27 सितंबर को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में भूमि अधिकार आन्दोलन की 4 थे कन्वेंशन का उदघाटन करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव का. हन्नान मौला ने कहा कि कांवेशन की अध्यक्षता कर रही


बेतिया मोहन सिंह । 26 और 27 सितंबर को दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में भूमि अधिकार आन्दोलन की 4 थे कन्वेंशन का उदघाटन करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव का. हन्नान मौला ने कहा कि कांवेशन की अध्यक्षता कर रही का.दयामुनी बारला जी , मंच पर उपस्थित मेघा पाटेकर जी , सुनीलम जी , प्रफुल सामंत जी , रोमा जी , सत्यवान जी , अशोक चौधरी जी , आलोक जी और कन्वेंशन में पूरे देश से आए हुए प्रतिनिधि साथियों ।
2013 में भूमि अधिकार कानून लाया गया । जिसमें किसान की मर्जी से ही उसकी जमीन सरकार लेगी । 2014 में मोदी सरकार ने उसमें संशोधन किया । जिसके अनुसार जमीन जब भी सरकार चाहेगी । किसान से छीन लेगी ।
जल ,जंगल, जमीन, खनिज और समुद्र की रक्षा के सवाल पर 2013 में एक कमिटी बनाई गई । भूमि अधिकार आन्दोलन एक संगठन बनाया गया । जिसके द्वारा भूमि बचाने का आंदोलन हो रहा है । मोदी सरकार भाजपा शासित राज्यों में छुपे छुपे जमीनों को छीन रही है ।
लेकिन हम बताना चाहते हैं कि 11 महीनों तक चली ऐतिहासिक किसान आंदोलन ने मोदी को मजबूर कर दिया कि किसान विरोधी काला कानून वापस लो । ठीक उसी तरीके से संघर्ष करके इस लड़ाई को जितना है ।
क्योंकि जमीन को जिन्दा रखना और उसको बचाना हमारा प्रथम कर्तव्य बन जाता है । हम जमीन को बेचना नहीं चाहते । कारपोरेट उसे खरीदने पर आमादा है । सरकार भी उसके पीछे खड़ी है । मोदी सरकार जमीन की अधिग्रण चाहती है । लेकिन पूंजी का अधिग्रण नहीं चाहती ।
उन्होंने कहा कि कारपोरेट किसानों के जमीनों को खरीदना चाहते हैं । वह किसानों की आत्मा को खरीदना चाहता है । लेकिन किसान अपनी आत्मा रूपी जमीन को नहीं बेचने देगा ।
जमीन से भूख जुड़ा हुआ है । यह हमारा संवैधानिक अधिकार है । पर्यावरण खतरे में है । भूमि बंजर होता जा रहा है । पहाड़ बिक गया तो नदिया रुक जायेगी। जंगल खत्म हो जायेगें । इसलिए मोदी सरकार और कारपोरेट की मिली भगत के खिलाफ एक संयुक्त कारवाई की जरूरत है । जिस पर सबके विचार आ रहे हैं।
कन्वेंशन के दूसरे सत्र की अध्यक्षता l किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का. अशोक ढवले, उलका, देवाशीष, संजीव की अध्यक्ष मण्डली ने की । इस सत्र में अभी तक खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त सचिव सुनीत चोपड़ा , त्रिपुरा के समीर , तरुण , जन मुक्ति संघर्ष वाहिनी के अजीत अंजुम , कुमार मारडी, कमू ताई नर्मदा बचाओ अभियान ने नारा दिया जल , जंगल , जमीन हमारो आप की , नहीं किसी के बाप की। दशरथ यादव ,महाराष्ट्र ने अपने विचार रख चुके हैं ।
कन्वेंशन में अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव का. बीजू कृष्णन, कोषाध्यक्ष का. कृष्णा प्रसाद , सुमित जी ,बिहार राज्य किसान सभा के संयुक्त सचिव प्रभुराज नारायण राव , सोनेलाल , झारखंड किसान सभा के असीम सरकार आदि शामिल है ।

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