उत्तर प्रदेश

चैती छठ का दूसरे दिन खरना पूजा के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास सांध्य कालीन अर्घ्य आज….

 

बलिया बैरिया। तहसील छेत्र के ग्राम पंचायत कोटवा छठ महापर्व चुनौतियों भरा कठिन उपवास का अनुष्ठान  करते हुए विपदा की घड़ी में यह और भी चुनौती भरा हो गया है, लेकिन मुश्किल घड़ी में ईश्वर में आस्था और भी बढ़ जाती है। चार दिवसीय महापर्व चैती छठ में अभी ऐसा ही झलक रहा है। कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए पूरा देश घरों में कैद है। इस विकट परिस्थिति में खरना का प्रसाद बनाने के लिए शनिवार की सुबह गंगाजल लेने के लिए व्रती गंगा घाटों पर पहुंचे।

छठ महापर्व के दूसरे दिन खरना पूजा के बाद व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हुआ है। खीर का महाप्रसाद ग्रहण करने के बाद कोविड-19 जैसे महामारी से बचने के लिए अपने घर के दरवाजे व घर के छत पर ही श्रद्धालु दो दिनों तक भगवान भास्कर के नमन में लीन हो गए हैं। रविवार को चैत्र शुक्ल षष्ठी को सर्वार्थ सिद्धि योग में अस्ताचलगामी सूर्य देवता को पहला अर्घ्य दिया जाएगा। अर्घ्य देने का शुभ समय शाम को 5:58 बजे से 06:07 तक है। वहीं सोमवार को  19 मार्च को भी द्विपुष्कर योग में उदीयमान सूर्य को दूध और जल से अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जाएगा। 

चैती छठ व्रत नियम और पूजा विधि

छठ पर्व 16 अप्रैल 2021 दिन शुक्रवार को चतुर्थी तिथि के दिन नहाय-खाय किया जाएगा. वहीं, 17 अप्रैल दिन शनिवार को पंचमी तिथि में लोहंडा या खरना होगा. इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम में गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाकर सूर्य देव की पूजा करने के बाद इसी प्रसाद के साथ कुछ खाया जाता है.

Related Articles

Back to top button