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मद्य निषेध कानून का सख्ती के साथ करायें अनुपालन : जिलाधिकारी।

लगातार छापेमारी अभियान चलाने का निदेश।

रिवर पेट्रोलिंग, डॉग स्कॉयड के माध्यम से दियारा एवं नदी क्षेत्र में विशेष निगरानी सहित नियमित छापेमारी का निदेश।

बेतिया मोहन सिंह। जिलाधिकारी, कुंदन कुमार ने कहा कि मद्य निषेध कानून बिहार सरकार की अतिमहत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। सभी को समेकित प्रयास कर शराब जैसे सामाजिक बुराई के चंगुल से जनजीवन को बचाने हेतु लगातार प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मद्य निषेध कानून का सख्ती के साथ अनुपालन कराना सुनिश्चित किया जाय। इस हेतु लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाय। जिलाधिकारी कार्यालय प्रकोष्ठ में अधिकारियों को निदेशित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि रिवर पेट्रोलिंग, डॉग स्कॉयड के माध्यम से दियारा एवं नदी क्षेत्र में विशेष निगरानी सहित नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाया जाय। इस हेतु सभी आवश्यक संसाधन अपडेट कर लिया जाय। उन्होंने कहा कि शराब के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा, उनके विरूद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जायेगी।

उन्होंने कहा कि मद्य निषेध कानून के कार्यान्वयन हेतु उच्चस्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। सभी अधिकारियों को सचेत रहते हुए एस-ड्राइव चलाकर छापेमारी/जब्ती करने की आवश्यकता है। साथ ही आ-सूचना तंत्र को अधिक मजबूत करते हुए प्राप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उन्होंने निदेश दिया कि प्रतिदिन चौकीदार/दफादार से शराब के विनिर्माण/बिक्री से संबंधित आ-सूचना संग्रहण करें तथा प्राप्त सूचना के आलोक में त्वरित कार्रवाई करें।

उन्होंने कहा कि मद्य निषेध से संबंधित जब्त वाहनों की नीलामी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाय।

उन्होंने कहा कि अवैध शराब की होम डेलिवरी पर विशेष निगरानी रखी जाय। इस कार्य में एएलटीएफ को प्रभावी तरीके से कार्य करना होगा एवं होम डेलिवरी करने वालों पर पैनी नजर रखनी होगी। उन्होंने निदेश दिया कि होम्योपैथी दुकानों/प्रतिष्ठानों सहित स्प्रिट पर विशेष निगरानी रखनी है। नियमित रूप से होम्योपैथी दुकानों/प्रतिष्ठानों की जांच की जाय तथा स्प्रिट आदि पर नजर रखी जाय।

उन्होंने कहा कि शराब कारोबार में संलिप्त लोगों के विरूद्ध कार्रवाई करने के साथ ही जितने भी पुराने शराब कारोबारी हैं और जमानत पर बाहर हैं, उन पर कारगर निगरानी रखते हुए सत्यापन कार्य कराया जाय। उन्होंने कहा कि शराब कारोबार में संलिप्त व्यक्ति जो जेल गए हैं और पुनः वापस आए हैं वैसे व्यक्ति पुनः शराब कारोबार में लिप्त पाये जाते हैं तो ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित कर गुंडा पंजी में उनका नाम दर्ज कर सीसीए की कार्रवाई की जाय।

जिलाधिकारी द्वारा सभी अनुमंडल पदाधिकारी को नियमित रूप से मद्यनिषेध की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि वे सतत जीविकोपार्जन योजना से आच्छादित करने हेतु भी लोगों को प्रेरित कराएंगे।

पुलिस अधीक्षक, बेतिया, उपेन्द्र नाथ वर्मा ने कहा कि सभी पुलिस अधिकारी छापेमारी अभियान में तेजी लाएं और शराब का कारोबार करने वाले, पीने वालों को गिरफ्तार करें। उन्होंने कहा कि धारा-107 एवं 110 सहित पीएमएलए की कार्रवाई में तेजी लाने की आवश्यकता है। जिन व्यक्तियों के विरूद्ध धारा-107 एवं 110 के तहत कार्रवाई की गयी है तथा वे अभी भी इस धंधे में लिप्त पाये जाते हैं तो उनके विरूद्ध अग्रतर कार्रवाई अविलंब सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने निदेश दिया कि मद्य निषेध को लेकर जब्त वाहनों, भवनों से संबंधित मामलों में राज्यसात करने का प्रस्ताव ससमय भेजा जाय ताकि अग्रतर कार्रवाई करने में विलंब नहीं हो। साथ ही शराब विनिष्टिकरण का कार्य भी ससमय पूर्ण किया जाय।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक, बगहा, अपर समाहर्ता, उत्पाद अधीक्षक, सभी एसडीएम आदि उपस्थित रहे।

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