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मझौलिया में अध्यात्मिक सतसंग का आयोजन।

न्यूज शंभू पान्डेय, मझौलिया।गुरु की महिमा अपरंपार है ।गुरु अपने शिष्यों पर बराबर नजर रखते हैं। इस कलिकाल में आगे का समय विनाशकारी है ।बचेगा वही जो गुरु की शरण में होगा और शाकाहारी होगा ।उक्त बातें करमवा पंचायत स्थित विश्वनाथ प्रसाद के दरवाजे पर आयोजित सत्संग समारोह में पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन धूम नगर से आए हुए परम पूज्य परम संत ब्रह्मलीन बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के शिष्य गोपाल जी यादव ने कही ।उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से कहा की समर्थ गुरु अपने शिष्य की संभाल करते हैं और मोक्ष की प्राप्ति कराते हैं ।इसके लिए नाम दान देकर साधन भजन सुमिरन करा कर शिष्य को निज धाम पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु मेरी पूजा है ।गुरु गोविंद हैं ।गुरु मेरा पारम ब्रह्म है ।गुरु भगवंत है ।इस कलिकाल में शांति, भाईचारा, अपनापन, सौहार्द, बड़े छोटों का ख्याल ,अनुशासन सब कुछ खत्म हो गया है। हरेक घर में मारपीट और झगड़ा मचा हुआ है। भाई भाई बाप बेटा पति पत्नी सभी एक दूसरे के विरोध में दिखाई दे रहे हैं। चारों तरफ अशांति जैसा माहौल उत्पन्न हो गया है ।उन्होंने बताया कि मानव का खान पान दूषित हो गया है। गंदे खानपान से मानव का विचार हिंसात्मक हो गया है। प्रेम और भाईचारा खत्म हो गया है ।श्री यादव ने कहा कि आप जैसा अन्न खाएंगे वैसा ही आपकी बुद्धि और विचार होगी। उन्होंने कहा कि इस कलयुग में भी समर्थ गुरु से नामदान लेकर साधन भजन सुमिरन करके मानव अपने निजधाम प्राप्त कर सकता है ।मानव तन जीवन परोपकार और जीव रक्षा के लिए मिला है ।लोग सिर्फ अपना ही पेट भरने को सोच रहे हैं ।सच्चे मन से प्रार्थना करने पर ही मानव को परमधाम की प्राप्ति हो सकती है। उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से पवित्र भाव से रहने जीव हिंसा से बचने सत्कर्म करने पर जोर दिया और कहा कि मानव जीवन अनमोल है। समरथ गुरु की शरण में जाकर उनके बताए हुए रास्ते पर चलकर अपना कल्याण कर ले। वही घोड़ासहन बनकटवा के ब्रज किशोर यादव ने कहा कि जय गुरुदेव नाम प्रभु का है ।यह कलयुग का जागृत और सिद्ध किया हुआ नाम है। विश्व को शांति बाबा जी के बताए हुए रास्तों पर चलने से ही मिलेगी। भारत फिर से विश्व गुरु बनेगा ।उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से कल्याण की बातें बताई जाती है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को जब शरीर प्राप्त हुआ तो उसने प्रभु से वादा किया था कि संसार में जाकर प्रभु भजन करेगा ।खानपान पवित्र रखेगा ।हमेशा गुरु की शरण में रहेगा। और गुरु के बताए रास्ते पर चलेगा ।लेकिन आज का मानव सबको भूल गया है और मनमानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज चारों तरफ काल मौत का तांडव मचा हुआ है।इस लिए सबको गुरु की शरण में रहना अति आवश्यक है। उन्होंने गुरु की महिमा का बखान करते हुए कहा कि भगवान राम और कृष्ण को भी गुरु की शरण में रहना पड़ा था। और गुरु के बताए रास्ते पर चलना पड़ा था। विदित हो कि आध्यात्मिक सत्संग में श्रद्धालुओं ने साधन भजन सुमिरन किया। सत्संग में भिखारी महतो ,चंद्रिका साह, रामजी शर्मा ,विश्वनाथ प्रसाद ,मुन्ना प्रसाद ,ध्रुप साह ,मदन पटेल , शंभू शर्मा ,कृष्णा शर्मा, अनिल कुमार शर्मा, शत्रुघन महतो ,बिंदा देवी ,मालती देवी ,अमर भाई, सहित दर्जनों सत्संगी उपस्थित थे।

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